SANSA KUVAT 019

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मनुष्य का जीवन केवल धन संपत्ति, भोगविलास ओर भोतिकवाद पर आधारित हर वस्तु के संचय करने
तक सीमित नही हें वरना अपने रचियता को व्यक्तिगत रूप से जानने ओर उसके साथ घनिष्ट संबंध
बनाने से भी हें ! परमेश्वर के प्रेम ने उसे दो हज़ार वर्ष पहले अपना पुत्र भेजने के लिये बाध्य किया जिससे
मनुष्य पाप की सज़ा से मुक्ति पा सकें ओर हर तरह से शाप मुक्त हो कर खुशहाल जीवन का अनुभव कर सकें !
शैतान जिसका नाम मारने वाला,चुराने वाला तथा झूठ बोलने वाला कहा गया हें,मनुष्य को झूठ ओर धोके की ओर आकर्षित
करके हर तरह के पाप में लिप्त कराके,परमेश्वर के क्रोध ओर शाप का भागीदार बनाता है !
परमेश्वर न्यायप्रिय हें ,पाप के परिणाम का प्रभाव तो मनुष्य को भोगना ही पड़ेगा !परमेश्वर के सामने यह प्रश्न केवल
तब तक वाजिब था जब तक उसका बेटा मनुष्य बनकर इस धरती पर नही आया ओर अपना बलिदान देकर हमें पापमुक्त करने में सक्षम हुआं !
बाइबिल यह बताती है कि परमेश्वर का पुत्र (येशु मसीह) इस धरती पर इसलिए भेजा गया कि वह शैतान के कामो का नाश कर सकें ! शैतान परमेश्वर का शत्रु हें ओर वह अराजकता,अन्याय,बीमारी,दुख,गरीबी,अश्लीलता,हिंसा ओर विभिन्न तरह की व्याधियों को हमारे जीवन में लाता हें ! अगर मनुष्य प्रभु ईसा मसीह पर विश्वास करें जो परमेश्वर के वचन (बाइबिल) को पड़ने,सुनने ओर समझनेसे आएगा तो उसके जीवन के शाप चले जाएंगे ! भारत में यह ज्ञान दो हज़ार वर्ष पहले आया था परन्तु परमेश्वर के इस रहस्य कीअज्ञानता के कारण करोड़ो लोगों का भविष्य अधर में लटका रहा है !
बाइबिल यह भी बताती है कि परमेश्वर ने इस जगत से इतना प्रेम किया कि अपना इकलौता पुत्र दे दिया कि जो उस पर विश्वास करेंगा वह नाश नही होगा परन्तु अनन्त जीवन पायेगा ! हम अपने आप को विनाश से अगर चाहे तो बचा सकते हैं ताकि हम सुखद जीवन का अनुभव कर सकें ! बीमारी,दुख,गरीबी,अश्लीलता,हिंसा हमारे जीवन में कलह ओर अशांति लाती है और आपको समय से पहले मृत्यु के समीप ले जाती है ! क्या आप निराश है ? बाइबिल में आपकी हर परिस्थिति से जूझने के लिए परमेश्वर का वायदा हें ! अगर आप उन वायदों को अपने जीवन में कार्यान्वित करना चाहते हे तो बाइबिल के परमेश्वर पर विश्वास करना आरम्भ कर दीजिये ओर आपकी बिगड़ी बन जायेंगी !
ओर जानकारी के लिए संपर्क करें !
आपकी आशा:
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