व्यथा, विवशता, व्याकुलता

परमेश्वर का जीवन की हर परिस्थिति में हस्तक्षेप हर विपदा से बचाने में सक्षम हैं।

हम चाहे धनी हो या गरीब, नर हो या नारी, शहर में रहते हों या गांव में, जवान हो या बूढ़े असंभव और असहाय परिस्थितिओ का सामना करते हैं। आर्थिक संकट, लंबी बीमारी, शादी या संतान का न होना औलाद का बिगड़ जाना, कोर्ट केस आदि बहुत सी समस्यायों हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं। पुराना गाना जो कहता हैं कि ” विधि ने तेरी कथा लिखी आंसू में कलम डुबोये, पिंजरे के पंछी तेरा दर्द न जाने कोए ” हमारी पीड़ा को बढ़ाता है और हमें निरुत्साहित करता हैं। हम कहते है की हमारे हालात कभी नहीं बदलेंगे, बीमारी कभी भी ठीक नहीं होगी,शादी कभी नहीं होंगी, आदि आदि। हम अपने जीवन के हालत में परिवर्तन की अपेक्षा नहीं करते क्योकि जो हो रहा हैं मेरी तक़दीर में लिखा हैं । कहा जाता है की सब कुछ माया हैं , आबादी बहुत है , पिछले जन्म के पापो का फल हैं, कभी पूरा नहीं पड़ेगा। हमें यह सिखाया जाता है संतोष बहुत बड़ा धन हैं. परन्तु समाज में कुछ धनी और प्रभावशाली व्यक्ति आगे बढ़ते जाते हैं, दूसरे का चुल्हा नहीं जलता, वह कर्ज नहीं दे पाता , अकाल और सूखे के किसान आत्महत्या किसान कर लेते हैं नारी का अपमान किया जाता हैं और अन्याय और अत्याचार कभी ख़तम ही नहीं होता।

कभी आपने सोचा है आप कोई कीड़े मकोड़े या पैर की जूती नहीं वरन परमेश्वर की बनाई सृष्टि और बहुमूल्य कृति हैं। पैदा होने के दिन से लेकर मृत्यु तक आप बहुमूल्य हैं। परमेश्वर का वचन जिसे हम बाइबिल कहते हैं के अनुसार विश्व का नियंत्रण एक दयावान और न्यायप्रिय परमेश्वर के हाथ में है जो हर मनुष्य से प्रेम करता है और उसके हित में काम करता हैं। पैदा होने के दिन से लेकर मृत्यु तक आप की कीमत हैं। आपकी पृष्टभूमि चाहे कैसी भी हों परमेश्वर आपके जीवन में आशा लाना चाहता हैं। आज से दो हज़ार साल पहले उसने अपने बेटे को इस धरती पर आदमी बनाकर भेजा वह मेरे और आपके दुःख सुख का भागीदार बना। उसने जीते जी बीमारों को चंगा किया, अन्धो की आँखे खोली , दुष्टात्माओ को निकाला और परमेश्वर के राज्य का प्रचार किया। उसका नाम था “येशु मसीह ” और उसे परमेश्वर का बेटा कहा जाता हैं, उसने न्याय और शांति की बात कही और मनुष्य की सही मुक्ति का पैगाम दिया। उसकी लोकप्रियता ने उस समय के धार्मिक लोगो के ईर्ष्या का पात्र बनाया और उस पर यह इल्जाम लगा कर कि वह अपने आप को परमेश्वर का पुत्र कहता है उसे रोमन सरकार को फांसी लगाने के लिए सुपुर्द कर दिया उसकी मृत्यु होने के तीन दिन बाद वह मुर्दो से ज़िंदा हो गया। वह ४० दिन तक अपने चेलो और अन्य लोगो को नज़र आया और उसके बाद स्वर्ग में उठा लिया गया जहाँ वह पिता परमेश्वर के दाहिनी हाथ पर बैठा हैं और जींदो और मुर्दो का न्याय करने का अधिकारी हैं।

प्रभु येशु मसीह पर विश्वास करने से हमारे जीवन की हर निराशा आशा में बदल जायेंगी। बाइबिल के अनुसार परमेश्वर आज, कल और आने वाले समय में एक जैसा ही हैं, कभी बदलता नहीं। और वह आपके जीवन की हर परिस्थिति में आपके निमत्रण और विश्वास के द्वारा प्रवेश कर कर सकता है और आपके जीवन को बदल सकता हैं ।आप मरने के लिए, बीमार और दुख उठाने के नहीं लिए बने । विश्वास के द्वारा आप जीते जी बहुतयात का और मरने के बाद हमेशा का जीवन पाने के हक़दार हैं।

यह सब कैसे और क्यों होता है, इसके लिए आप अगले पेज पर क्लीक करे जिसके नाम है, “रचना और बचाव”